L Arginine and Proanthocyanidin Granules Uses in Pregnancy In Hindi

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आम तौर पर देखा जाए तो अर्गिनीन (L-Arginine) अमीनो एसिड में से एक है किंतु यह एक गैर आवश्यक अमीनो एसिड है जो कि शरीर के लिए बिल्डिंग ब्लॉक के तौर पर काम करता है। देखा जाए तो यह एसिड हमारे शारीरिक विकास के लिए आवश्यक होता है किंतु हमारे शरीर में यह अपने आप उत्पादित नहीं होता, इसलिए डॉक्टर अक्सर ऐसी अवस्था में इस दवा को लेने की सलाह देते हैं। यह दवा शरीर में जाकर ऊतकों की वृद्धि और उन्हें सुधारने में मुख्य भूमिका निभाता है। इन दोनों दवाओं को एक साथ लेने पर ही कार्य करेंगी क्योंकि यह संयोजित दवा है। इसके अलावा यह कुछ और बीमारियों के रोकथाम करने लिए भी सेवन किया जाता है।।

L arginine and proanthocyanidin granules के उपयोग (l arginine and proanthocyanidin granules uses in Hindi) –

इसका इस्तेमाल खास तौर पर शरीर में पोषण की कमी को पूरा करने में किया जाता है। इस दवा के अन्य प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं :-

  1. यह दवा प्रेगनेंसी के दौरान लेना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। गर्भावस्था के दौरान होने वाले उच्च रक्तचाप, सीने का दर्द, हार्ट फैलियर, धमनी की बीमारी पैरों में आवर्ती दर्द इत्यादि समस्या होने पर इस दवा का सेवन अत्यंत लाभकारी होता है।
  2. जब शरीर में संतुलित आहार की मात्रा कम होने लगती है, ऐसे में शरीर में l-arginine की कमी हो जाती है, जिससे पोषण की कमी होने के कारण शरीर कमजोर पड़ने लगता है। ऐसे में यह दवा लेने से पोषक तत्व की कमी की पूर्ति की जाती है। यह डॉक्टर की पर्ची के अनुसार दी जाने वाली दवा है।
  3. डॉक्टर बुजुर्गों में मानसिक क्षमता की कमी होने पर इस दवा को लेने की राय देते हैं। इसके साथ ही यौन विकार, पुरुषों में बांझपन, सामान्य बुखार और अन्य लक्षणों के इलाज हेतु यह दवा काफी असरकारी साबित होती है। चिकित्सकों की मानें तो गर्भवती महिलाओं के लिए इसका सेवन सुरक्षित है लेकिन स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसके सेवन से बचें लेकिन अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श लेकर ही इस दवा का सेवन करें।
  4. यह दवा बिना सेंसर कराए गए मेटाबॉलिक अल्कलोसिस के प्रबंधन में भी उपयोग किया जाता है। इसके अलावा यह वृद्धि हार्मोन के विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। इस दवा के कारण गंभीर तो नहीं बल्कि कुछ सामान्य से साइड इफेक्ट जैसे- पेट दर्द, मतली, उल्टी, चक्कर आना जैसे आम दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
  5. जानकारी के लिए बता दें कि इस दवा की खुराक प्रतिदिन 5 से 30 ग्राम के बीच ही ली जानी चाहिए अन्यथा इसकी ओवरडोज लेने से इसके दुष्प्रभाव दिख सकते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि डॉक्टर के निर्देशानुसार ही आप इस दवा का सेवन करें क्योंकि चिकित्सक मरीज की वर्तमान शारीरिक स्थिति और चिकित्सा इतिहास के आधार पर ही इसकी खुराक लिखते हैं।
  6. यह स्तंभन दोष, धमनी के रूकावट एवं माइग्रेन के उपचार में इस दवा को लिया जाता है। यह शरीर में विकास हार्मोन को release करता है जिससे की घाव भरने की प्रक्रिया में तेजी आती है और नियमित रूप से इसका सेवन करने से यह समस्याएं जल्द ही समाप्त हो जाते हैं। इस दवा का नियमित तौर पर सेवन करने से ही यह दवा अपना असर दिखाती है।
  7. यह दवा सूजन और ब्लड प्रेशर को भी कम करने में बेहद मददगार और सहायक दवा के रूप में जाना जाता है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में सहायक होती है। चिकित्सक मरीज की आयु, लिंग और अन्य कारकों के आधार पर ही इस दवा को लेने की अनुमति देते हैं इसलिए बिना चिकित्सक से परामर्श किए इस दवा का उपयोग ना करें।
  8. नाइट्रेट या वियाग्रा आदि ऐसी दवा है जो रक्त के प्रभाव को बढ़ाने के लिए ली जाती है, उसके साथ यह दवा लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इस दवा के सेवन से कभी-कभी कुछ व्यक्ति में लीवर या किडनी खराब होने का उपचार भी किया जाता है।
  9. दरअसल यह दवा शरीर के भीतर जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाता है, जो कि रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करने में सहायक होता है जिससे रक्त की प्रवाह गति में तेजी आ जाती है और वृद्धि हार्मोन और इंसुलिन भी उत्तेजित हो उठता है।
  10. यह भ्रूण के अंतर्गर्भाशयी विकास को बढ़ावा देने का कार्य करता है जिससे एंडोथेलियल नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) के निर्माण की उपलब्धता बढ़ जाती है, जो कि गर्भावस्था के दौरान रक्त के अच्छे प्रभाव को बनाए रखने में सहायक होता है। विशेषज्ञों द्वारा भी गर्भावस्था के दौरान यह दवा यानी कि एंटी ऑक्सीडेंट लेना उपयोगी माना जाता है।।
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